मंगल ग्रह पर जीवन

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मंगल ग्रह पर जीवनलेखक: विजय शर्मा एरीसूरज की लालिमा में नहाया मंगल ग्रह आज भी वैसा ही रहस्यमय था, जैसा सदियों से पृथ्वीवासियों को लगता आया था। उसकी सतह पर फैली लाल धूल, विशाल क्रेटर और बर्फीली चोटियाँ मानो किसी प्राचीन सभ्यता के खंडहरों की तरह चुपचाप खड़ी थीं। पर इस बार, वर्ष 2147 में, मानवता ने सिर्फ देखने का नहीं, समझने का फैसला किया था।डॉ. आर्यन मेहता, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वरिष्ठ वैज्ञानिक, मंगल मिशन ‘सूर्यवंशी-3’ के प्रमुख थे। उनके साथ थे तीन और सदस्य—बायोलॉजिस्ट डॉ. मीरा शर्मा, इंजीनियर कप्तान रोहित सिंह और युवा एस्ट्रोनॉट अनन्या राव। चारों