एपिसोड 43— पहला वार पुरानी हवेली से निकलते वक्त अर्जुन को लगातार ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कोई उनकी निगरानी कर रहा हो। रात काफी हो चुकी थी। सड़क लगभग सुनसान थी और दूर-दूर तक सिर्फ स्ट्रीट लाइट्स की हल्की रोशनी दिखाई दे रही थी। आयत अर्जुन के साथ चल रही थी। उसके हाथ में वही लॉकेट था, जिसमें अब उसे अपनी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा राज मिल चुका था, जिसके बारे में उसने कभी सोचा भी नहीं था। कुछ कदम चलने के बाद आयत अचानक रुक गई। "अर्जुन..." अर्जुन ने पलटकर देखा। "क्या हुआ?" "आज जो कुछ