अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 55: तीन रास्तेजमीन अचानक दो हिस्सों में फट गई।अनन्या ने चीखते हुए आरव का हाथ पकड़ने की कोशिश की।लेकिन...उनकी उँगलियाँ एक-दूसरे से छूट गईं।"आरव!""अनन्या!"कबीर भी दूसरी दिशा में गिर रहा था।कुछ ही सेकंड में तीनों अलग-अलग अंधकार में समा गए।फिर...सब शांत हो गया।अनन्याअनन्या की आँखें खुलीं।वह एक लंबे गलियारे में खड़ी थी।गलियारा इतना लंबा था कि उसका दूसरा सिरा दिखाई नहीं दे रहा था।दोनों तरफ़ दरवाज़े थे।हर दरवाज़े पर एक नाम लिखा था।"अधूरी दोस्ती""खोया हुआ प्रेम""माँ की आखिरी चिट्ठी""वह लड़का जो लौटकर नहीं आया""अधूरा वादा"अनन्या धीरे-धीरे आगे बढ़ी।हर दरवाज़े के पीछे से किसी की आवाज़