पुरुष की दुर्बलता

  • 1.8k
  • 645

समाज में एक सामाजिक प्राणी की तरह जीना आसान है, लेकिन अपनी भावनाओं को छिपाकर, मुस्कान के पीछे अपने दर्द को दबाकर जीना—यही एक पुरुष की सबसे बड़ी कमजोरी है।सुबह के सात बजे थे। घड़ी का अलार्म खामोशी को तोड़ते हुए तेज़ आवाज़ में बज उठा। जैसे वह किसी को गहरी नींद से वापस लाने के लिए बेचैन हो।अलार्म की आवाज़ सुनकर विजय ने धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलीं। गोरा साफ़ रंग, स्वस्थ और मजबूत शरीर, घुंघराले काले बाल, चेहरे पर कुछ पिंपल्स और होंठों के पास एक छोटा-सा डिंपल उसके व्यक्तित्व को और भी आकर्षक बना रहे थे। लेकिन आज