हुक्म और हसरत #ArSia और तभी...एक धीमी मगर गूँजती हुई आवाज़ पीछे से आई—"मैं यहीं हूँ…" अर्जुन।वो हमेशा की तरह शांत खड़ा था। सफ़ेद शर्ट के कॉलर हल्के-से मुड़े हुए थे, कलाई पर घड़ी, चेहरे पर वही सुकून... और होंठों पर एक छोटी-सी मुस्कान।सिया की साँस जैसे थम गई।उसने अर्जुन की तरफ़ बस एक पल देखा...फिर दो कदम पीछे हटी...और अगले ही पल भागती हुई वहाँ से निकल गई।उसके कदमों की आहट धीरे-धीरे गलियारे में खो गई...मगर उसकी धड़कनों का शोर अब भी अर्जुन के कानों तक पहुँच रहा था। अर्जुन वहीं खड़ा मुस्कुरा रहा था।शायद पहली