कहानी: आलसी चीकू चीकू 14 साल का था। देखने में गोल-मटोल और स्वभाव में बहुत आलसी। सुबह देर से उठना, स्कूल से आकर बैग एक तरफ फेंकना, और फिर पूरे दिन फोन में घुस जाना। रील्स बनाना, गेम खेलना यही उसका काम था। घर के किसी काम में हाथ नहीं बटाता। मम्मी सरिता रोज डांटती, समझाती, पर चीकू पर कोई असर नहीं होता।आलस के साथ-साथ चीकू का वजन भी बहुत बढ़ गया था। सीढ़ियां चढ़ते ही हांफ जाता। टीचर भी शिकायत करतीं कि होमवर्क पूरा नहीं करता। सरिता बहुत परेशान थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि बेटे की फोन