विधि के पढ़ाई के यह दो साल भी बीत गये...लेकिन अंश की कोई खबर नही आयी ना वो आया।।। आगे...दस साल बाद... "अभय उठो ना...!! ऑफिस नहीं जाना है क्या आज", माही भी सोयी ही हैं...ये बाप बेटी की नींद भी ना कुंभकर्ण से कम नही। किसी बात की कोई खबर नहीं रहती, अगर मै ना उठाऊ इनको...तो पता नही पूरे दिन सोते रहेगे...!! विधि अकेली ही किचन मे काम करते हुए बोले जा रही थी। उधर अभय और माही दोनो रजाई के अंदर से सब बातें सुनकर मुस्कुरा रहे थे। विधि फिर से हाथ का काम छोड़ कर बेडरूम मे जाती है और दोनों को फिर