मायावी अंगूठी

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एक बहुत सुंदर गाँव था, जिसके चारों ओर घना जंगल फैला हुआ था। उस गाँव में किरण नाम की एक गरीब लड़की रहती थी। उसके पिता का कई वर्ष पहले देहांत हो चुका था और घर की सारी ज़िम्मेदारी अब उसी के कंधों पर थी। हर सुबह सूरज निकलने से पहले वह अपनी कुल्हाड़ी लेकर जंगल में लकड़ियाँ काटने चली जाती। उन्हीं लकड़ियों को बेचकर वह अपनी बूढ़ी माँ का इलाज कराती और घर का खर्च चलाती।उस दिन आसमान पर हल्के बादल छाए हुए थे। जंगल के रास्ते पर चलते हुए किरण को एक अजीब-सी बेचैनी महसूस हो रही थी।