दिसंबर की सर्दियाँ अपनी पूरी रफ़्तार पर थीं। कॉलेज के कमरो में ठंडी हवाओं का डेरा था और हम अपनी क्लास की बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल पर बैठे थे। वह दिन किसी और दिन जैसा ही लग रहा था, लेकिन मेरी सहेली के एक वाक्य ने सब कुछ बदल दिया। उसने फुसफुसाते हुए कहा, "प्रिया, कान्हा बाहर आए हैं, वो कॉलेज के गेट के बाहर खड़े हैं। उन्होंने लाल रंग की टी-शर्ट पहनी है।"जैसे ही यह खबर मिली, मेरे दिल की धड़कनें एक अलग लय में बजने लगीं। कॉलेज की उस बिल्डिंग की ऊंचाई से नीचे सड़क को देखना एक