असली शिक्षक अंजली स्वभाव से थोडी चंचल थी मगर पढने में बेहद होशियार, कंम्प्युटर उसका प्रिय विषय था ,इसलिये परीक्षा के दिनों में अंजली अकसर अपनी परेशानी लेकर मेरे पास आती| उसे पढ़ाकर मुझे भी अच्छा लगता। मेरी कक्षा में खुशी के कारण वह अति उत्साहित रहती| मै यह सब नजर अंदाज भी कर देता । अकसर स्टाफ रूम में भी वह बेधडक चली आती ,मैने अकसर उसे वहाँ आने से रोका भी था। बारहवीं की परीक्षा के बाद अंजली इंजनियरिंग की प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुट गई । उसका सपना था कम्प्युटर इंजीनियर बनना। मैं उसकी सफलता को