राहें - 7

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आज का सत्यभवन निर्माण का कार्य चल रहा था। पवन काम की देखभालकर रहा था, तभी एक अपरिचित व्यक्ति आकर बोला आप यहाँ देखभाल का काम करते हो? क्या आपका ही नाम पवन है?पवन बोला - 'हॉ मेरा ही नाम पवन है, और मैं यहाँ सुपरवाइजरहूँ- उसने सोचा काम की तलाश में यह व्यक्ति मुझे पूछता हुआयहाँ आया है- फिर बोला - "बोलो क्या काम है?"अपरिचित बोला - तुम मेरे साथ चलो। सरदार ने तुम्हें बुलाया है।पवन हड़बड़ाकर बोला - कौन सरदार?अपरिचित बोला - हमारा सरदार।पवन ने आश्चर्य से उसे देखा और ना जाने की मुद्रा में सिरहिलाया।अपरिचित ने रिवाल्वर दिखाते