नरक का गुलाम

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नरक का गुलाम"जिस आत्मा को कैद करने आया था... उसी के प्रेम ने उसे आज़ाद कर दिया।"हर हज़ार वर्षों में एक बार स्वर्ग, पृथ्वी और नरक के बीच की सीमाएँ कमज़ोर हो जाती हैं। उसी समय एक ऐसी आत्मा जन्म लेती है, जो तीनों लोकों का संतुलन बदलने की क्षमता रखती है। इस बार वह आत्मा है—अनाया। अपने बाइसवें जन्मदिन के बाद से अनाया के साथ अजीब घटनाएँ होने लगती हैं। उसे रातों में किसी अनजान व्यक्ति की आवाज़ सुनाई देती है, आईनों में अपनी परछाईं बदलती हुई दिखाई देती है और ऐसे सपने आते हैं, जिनमें वह किसी प्राचीन