अधूरी कहानी, पूरा प्यारकहानी वो भी क्या जिसमें प्यार की बातें न हों, और ये औकात कौनसी चीज़ है उस कहानी को अधूरा करने को? यह एक छोटी सी मन से निकली हुई कहानी है—सच नहीं है पर झूठ भी नहीं।हर किसी की जिंदगी में एक न एक मोड़ पर प्यार की सिलसिला चलती है। किसी के प्यार की दास्तानें शादी तक चली जाती हैं, और किसी की अधूरी। पर कभी सोचा है किसी ने, कि आपका जो दिल किसी पे आया ही है, वो भी अपनी औकात से बाहर? जो पता है कि ये मुझे नहीं मिलेगा या नहीं