सीढ़ियों के नीचे से आती आवाज अब साफ थी धीमी, भारी और इस बार एक नहीं कई कमरे की हवा फिर से ठंडी हो गई मीरा मुश्किल से उठी अभी भी कमजोर थीमीरा - वो वापस आ गया है लेकिन इस बार अकेला नहीं हैकबीर - हाँ, मुझे भी feel आ रहा है जैसे free में family pack मिल गया होआरव की नजर दरवाज़े पर थीआरव - हम तीनों ये अकेले handle नहीं कर पाएंगेकबीर - finally… तूने मान लियाआरव ने जेब से एक पुराना-सा device निकाला उस पर एक ही बटन था कबीर ने देखा और उसका चेहरा serious