फिर वही पुजारी जतिन से कहता है। "काल रक्षक आइए अपनी शक्तियों का प्रदर्शन दिखाइए।" उस पुजारी की बात सुनकर जतिन महागुरु की तरफ देखता है। महागुरु का चेहरा थोड़ा चिंतित था। लेकिन फिर भी महागुरु जतिन को जाने का इशारा करते हैं। लेकिन जतिन उनके चेहरे के भाव से समझ जाते हैं कि महागुरु उसकी वजह से चिंतित हैं। फिर जतिन सभी के सामने जाकर खड़ा हो जाता है। और कहता है। "देखो मैं इतना ताकतवर तो नहीं जो अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करूं इसलिए मुझे क्षमा करें। " तभी पुजारी अपनी जगह से उठता और कहता है। "अपनी