वहां नहीं रहते वे

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वहां नहीं रहते वे कमल चोपड़ा​रिजू को जैसे बता डालने की बहुत जल्दी थी, "विशू विशू विशू... पता है क्या हुआ? लगता है अपना रोमी मर गया है। सच में ना वो हिल-डुल रहा है ना...।"​"सो रहा होगा... चल मैं देखता हूं!"​दोनों बिजली दफ्तर के पीछे की ओर दौड़ पड़े जहां कि उन्होंने पिल्ले रोमी का ईंटें जोड़कर घर बनाया था। वहां पहुंचे तो देखा सचमुच रोमी अपने अधटूटे घर में बाहर पड़ा था। विशू ने पास जाकर उसे पुचकारा- "रोमी... रोमी... रोमी... पुच्च..चु पच्च...पु चु..."​पर रोमी नहीं जागा। विशू ने उसे हिलाया-डुलाया। जेब से निकालकर बिस्कुट उसके मुंह में ठूंसने की कोशिश की। कहीं से पानी लाकर