राम राज

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राम राज : आदर्श शासन, आदर्श समाज और मानवीय मूल्यों का शाश्वत दर्शन“राम राज” भारतीय संस्कृति और चिंतन की एक उच्चतम अवधारणा है। यह केवल एक राजा के शासन का वर्णन नहीं करता, बल्कि एक ऐसे आदर्श जीवन-विधान को प्रस्तुत करता है, जिसमें व्यक्ति, समाज और राज्य—तीनों का संतुलित और समन्वित विकास होता है। यह केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत है।राम राज की नींव उस अद्वितीय प्रसंग से जुड़ी है, जब भरत ने अपने बड़े भाई श्रीराम के वनवास के समय उनकी खड़ाऊँ को अयोध्या के सिंहासन पर स्थापित किया और