काल कोठरी - 11

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      (काल कोठरी ) -------11 वी किश्त                      लोगों से जुड़ना, उन्हें कुछ समझना, भावना मे वेह कर कुछ होता है... कया उट पटाग सा भय। गेदा राम ने अजीत से मिल कर चाये पी। फिर गेंदा राम ने बताया ----" सर, वो लड़की थी जा पता नहीं उसमे कोई शक्ति थी... अब भी डर लगता है सोच कर। " अजीत ने कहा"---- पहले किस ने देखा गेंदा राम याद करो..." सर जानता हूँ ---- ये आपने ड्राइवर थे.. नाम भूल सा गया। " शायद -----जोर देने पर "दीपक था