जानवी को जब ये सब पता लगा तो जानवी कार को किनारे पर रोककर रोने लगती है और कहती है ---जानवी :- मैने ये सब क्या कर दिया , जिसके सामने मेरी कोई हैसियत नही , कोई औकात नही मैने उसे ही लालची समझा , जिसने मेरी कंपनी को हर बार बचाया , मैने उसे ही कंपनी का लुटेरा समझा । आज मुझे एहसास हो रहा है के मैं कितनी बदनसीब हूँ , जिसने एक हिरा को खो दिया । आदित्य आज तक मेरे प्यार के लिए कितना कुछ सकता रहा , पर अब मैं उसे जरा सा भी दुख