राधा का संगम - प्रकरण 4 * मैं ऊस के बाथरूम से निकल रहा था और वह बेड पर बैठकर फ़ोन पर पर बात कर रही थी और मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी. " आज थक गये ना? * मेरा हाथ पकड़ और कमीज का कॉलर पकडकर श्रावणी ने मुझे पलंग पर बिठा दिया.था और मालिकी अंदाज में कहां था. " अब मेरी तुम्हारी सारी जरूरतें पूरी करूंगी. " " देखो भूख के मारे