आगे..! जल्दी जल्दी सिढिया चढ़ते हुए श्रुति टेरिस पर चली गई। वहां पहुंच कर उसने एक गहरी लंबी सांस ली और वहां बने स्वीमिंगपूल में पैर डालकर बैठ गई और आसमान की ओर देखने लगी जिसका रंग सिंदूरी हो गया था। घर लौटते हुए चिड़ियों को देखकर उसके होंठ धिरे से कुछ बुदबुदाए और उसकी आंखों से एक आंसू की बूंदें बहकर उसके गालों पर आ गई और वहां से होते हुए पानी में समा गई।श्रुति का कमरा, राशि चेंजिंग रूम में चेंज कर रही थी मगर उससे ड्रेस का चेन जोो की बैक साइड था।वह