अमावस की काली रात थी और दूर पीपल के पेड़ की शाखाएं बिना हवा के ही धीरे धीरे हिल रही थीं। लोग जल्दी अपने दरवाजे बंद कर चुके थे, क्योंकि गांव में एक पुरानी बात फैली हुई थी कि इस पेड़ के नीचे रात में जाना मौत को बुलाने जैसा है।मैं तब छोटा था और अपने दादा के साथ उस पुराने घर में रहता था। दादा अक्सर कहते थे कि रात में अगर पीपल के पास से हंसी की आवाज आए तो कभी जवाब मत देना। उस समय मुझे ये सब कहानियां लगती थीं, लेकिन उस रात सब कुछ बदल