अगस्त्य सय्युरी के साथ तुरंत कार में बैठा, और कार सीधा अस्पताल पर रुकी।वह कार से निकला… आगे बढ़ने लगा ही था कि उसका सिर बहुत तेज़ चकराया और वह लड़खड़ा गया। सय्युरी ने तुरंत उसे पकड़ लिया।अगस्त्य ने खुद को संभालते हुए कहा—“मैं ठीक हूँ… चलो…”वह आगे बढ़ने लगा कि पीछे से सय्युरी ने उसका हाथ पकड़ लिया।सय्युरी (दबी हुई आवाज़ में):“अगस्त्य…”वह रुक गया, पीछे पलटा और बेसब्री के साथ बोला—“चलो…”सय्युरी ने अपनी पकड़ उसकी कलाई पर और कस ली और इशारे से उसका ध्यान उसके शरीर की ओर दिलाया।अगस्त्य ने जब खुद को देखा, तो उसके शरीर पर