Sarhade Dil ki

(25)
  • 1.1k
  • 231

दिल्ली की चमकती सड़कों पर रहने वाली अनाया को हमेशा ऊँचाइयों से प्यार था—सपनों की ऊँचाई, उड़ानों की ऊँचाई। एक दिन उसने पैराग्लाइडिंग करने का फैसला किया। मौसम साफ था… पर किस्मत ने कुछ और ही लिखा था।अचानक तेज़ हवाओं ने दिशा बदल दी। अनाया का पैराग्लाइडर नियंत्रण से बाहर हो गया… और वह दूर, पहाड़ों के उस पार, एक अनजान घाटी में जा गिरी।जब उसने आँखें खोलीं, सामने एक लड़का खड़ा था—सख्त चेहरे वाला, आँखों में सतर्कता… पर दिल में कहीं नरमी छिपी हुई।“तुम यहाँ कैसे आई?” उसने पूछा।“मुझे… नहीं पता,” अनाया ने धीरे से कहा।उसका नाम था आरव।