अधूरी मोहब्बत — अध्याय 8: एक अनकहा सच अर्जुन के हाथ काँप रहे थे। उसने धीरे से समीर का भेजा हुआ वह लिफाफा खोला। उसे लगा था कि समीर शायद उसका शुक्रिया अदा करेगा, लेकिन खत की पहली लाइन ने ही उसके दिल की धड़कन तेज़ कर दी।"बड़े भाई अर्जुन,मुझे पता है कि जब आप यह खत पढ़ रहे होंगे, मैं और राधा शहर छोड़कर जा चुके होंगे। अस्पताल में उस दिन जब आप और राधा बालकनी में बात कर रहे थे, मैंने सब कुछ सुन लिया था। मुझे पता चल गया कि आप दोनों का रिश्ता क्या था और