चुड़ैल का नियम

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यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन करना है इसका किसी भी व्यक्ति स्थान या घटना से कोई संबंध नहीं हैपुराने जमाने में लोग अजनबियों से बिड़ी मांगते थे और जो नहीं देता था उसके बारे में कहा जाता था कि वो ज्यादा दिन गांव में नहीं टिकता गांव का नाम था भूतखेड़ा जहां दिन में सब सामान्य लगता था लेकिन रात होते ही हवा तक अजीब हो जाती थी कहते हैं रात के सन्नाटे में एक चुड़ैल अपनी पायल की छम-छम से पूरे गांव को जगा देती थीवो आवाज इतनी साफ होती थी कि सोया हुआ इंसान