अधूरी मोहब्बत — अध्याय 7: त्याग और तक़दीर अस्पताल की सफेद दीवारें और दवाइयों की तीखी गंध अर्जुन को बेचैन कर रही थी। समीर अंदर ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहा था और बाहर राधा टूटी हुई हालत में बेंच पर बैठी थी। उसके आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।अर्जुन आगे बढ़ा और डॉक्टर से कहा, "मेरा ब्लड ग्रुप समीर से मैच करता है, आप मेरा खून ले सकते हैं।"राधा ने चौंककर अर्जुन की तरफ देखा। उसकी आँखों में कृतज्ञता (gratitude) भी थी और एक गहरा पछतावा भी। जब अर्जुन स्ट्रेचर पर लेटा समीर को खून दे