चलो दूर कहीं..! - 7

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चलो दूर कहीं... 7अपनत्व और सुख दुख का साथ ही प्यार का आधार है.. और कोई निस्वार्थ भाव से किसी की सहायता करता है तो उसका दिल उस व्यक्ति के प्रति ऋणी हो जाता है। प्रतीक्षा का भी हाल कुछ ऐसा ही था अनाह के लिए उसके दिल में अथाह प्यार उमड़ रहा था, उसे पता था कि उस अंधेरे गुफा से अनाह ने ही उसे निकाल कर यहां लाया है.. लेकिन वो मुझे यहां छोड़कर कहां चला गया...? ये अनाह भी न एक अबूझ पहेली है..? वह अनाह के बारे में सोचते सोचते इधर-उधर देखते हुए उस जंगल के