मेरा प्यार - 20

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​​एपिसोड 20: वक्त का पहिया और थमी हुई सांसें​तीन दिन बीत चुके थे, लेकिन ज़ोया की पलकों में कोई हलचल नहीं हुई। वह मशीनों के सहारे एक गहरी और खामोश नींद में सोई हुई थी। अस्पताल के बाहर मीडिया का जमावड़ा था, और अंदर मौत और ज़िंदगी के बीच एक अदृश्य जंग चल रही थी।​टॉप डॉक्टर्स की बेबसी:अख्तर ने अमेरिका और जर्मनी से जो डॉक्टर्स बुलाए थे, वे कमरे से बाहर निकले। उनके चेहरों पर शिकन थी।​डॉ. मिलर (चीफ सर्जन): "मिस्टर अख्तर, हमने दुनिया की हर मुमकिन दवा और तकनीक का इस्तेमाल कर लिया है। मेडिकली उसकी हालत स्थिर (stable)