Episode 2: पहली टक्कर “नागवंश की रानी… वापस आ गई…”पुजारी के शब्द अब भी सिंहा के कानों में गूंज रहे थे।उसका दिल तेज़ी से धड़क रहा था।“न… नहीं… ये सब गलत है…”वह खुद से बुदबुदाई।वह तेजी से मंदिर की सीढ़ियाँ उतर गई।उसे वहाँ एक पल भी रुकना नहीं था।लेकिन जैसे ही वह बाहर निकली…हवा अचानक ठंडी हो गई।उसने पीछे मुड़कर देखा—मंदिर बिल्कुल शांत था।जैसे कुछ हुआ ही न हो।“क्या… ये सब सच था…?”उसके कदम खुद-ब-खुद तेज़ हो गए।उसी समय…शहर के सबसे आलीशान इलाके में—मल्होत्रा मेंशन।जहाँ हर चीज़ पर रौब था…और हर कोने में ताकत का अहसास।लेकिन आज…उसमेंशन में बेचैनी थी।“डॉक्टर!