अध्याय 5 कुछ रिश्ते दिल में रह जाते हैंपिछले अध्याय में राधा ने अर्जुन को सच बता दिया… उसकी शादी हो चुकी थी।अर्जुन के दिल में उठी उम्मीद एक पल में टूट गई।दोनों जानते थे उनका प्यार सच्चा था, मगर किस्मत ने उनका साथ नहीं लिखा था।अब सवाल था — क्या ये जुदाई हमेशा के लिए थी, या कहानी में अभी कोई मोड़ बाकी था… अर्जुन आसमान की तरफ देखता रहा। उसकी आँखों में नमी थी, पर आँसू बाहर नहीं आ रहे थे। राधा की आवाज़ अब भी उसके कानों में गूंज रही थी — “मैं इस रिश्ते को नहीं