नागमणी की श्रापित नागरानी - 1

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Episode 1: श्राप… जो वरदान बन सकता है “जिस दिन तुम्हारी आँखों में फिर से नागमणि की चमक लौटेगी…उसी दिन इस दुनिया का संतुलन टूट भी सकता है… और बच भी सकता है…”आवाज़ इतनी गूंजदार थी कि पूरा आकाश काँप उठा।और उसी पल—एक चीख ने उस गूंज को चीर दिया।“पिताश्री… नहीं…!”हजारों वर्ष पहले…जब इंसानों की दुनिया अभी भी अधूरी थी…और देवताओं की शक्तियाँ धरती पर विचरण करती थीं…तब धरती के नीचे बसा था एक रहस्यमयी लोक—नागलोक।जहाँ हर श्वास में विष था…और हर धड़कन में शक्ति।उस दिन नागलोक का विशाल दरबार सजा हुआ था।लेकिन यह कोई उत्सव नहीं था…यह एक न्याय सभा