आदित्य पुनम की और दैखता है और एक हल्की मुस्कान देता है और कहता है --आदित्य :- बस यूं ही बेठा हूँ मां ।कृतिका :- पता है आंटी , ये ऐसा ही करता है जब भी उदास होता है और चुप चाप अकेले बैठा रहता है । अब किसी के जाने से जिंदगी रुक तो नही जाती है ना आंटी । पर इसे कौन समझाये ।रश्मि :- आदी भईया , कृतिका सही बोल रही है , जानवी के कारण आप अपने आपको क्यों तकलीफ दे रहे हो ।आदित्य कहता है --आदित्य :- मुझे इतना बुरा कभी नही लगता अगर जानवी