अनात्मज - बांग्ला एकांकी नाटक - भाग 3 (अंतिम भाग)

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मूल बांग्ला से हिन्दी में अनूदित एकांकी नाटक “अनात्मज” भाग 3  (अंतिम) पात्र : सचिन, बिपाशा, अनिरुद्ध, सुहास   सचिन: नहीं...नहीं, ये गलत है। ये सरासर गलत है। इससे बड़ा झूठ और कोई नहीं हो सकता। मैं तुम्हारा पिता नहीं हूँ। तुम मेरे बेटे नहीं हो। (बिपाशा हाथ जोड़कर मना करने की गुहार लगाती है।) सुहास: क्या मैं आपका बेटा नहीं हूँ? सचिन: नहीं, नहीं, तुम मेरे बेटे नहीं हो, सुहास। देखना चाहते हो? (वह सुहास का हाथ पकड़कर उसे खींचता है और अगले कमरे में ड्रेसिंग टेबल पर ले जाता है।) सचिन: लो, ठीक से देखो। इस दर्पण के