अनात्मज - बांग्ला एकांकी नाटक - भाग 2

  • 1.7k
  • 519

मूल बांग्ला से हिन्दी में अनूदित एकांकी नाटक “अनात्मज” भाग 2 पात्र : सचिन, बिपाशा, अनिरुद्ध, सुहास (सुहास जल्दी से चला जाता है। बिपाशा आह भरती है और सारे पुरस्कार और घड़ी लेकर अंदर चली जाती है। कुछ क्षणों के लिए मंच खाली रहता है। सुहास दाहिनी ओर के कमरे में प्रवेश करता है जो सचिन का कमरा है। लाइट जलाता है। अपने पिता के कपड़े व्यवस्थित करता है, हेंगर में जामा टांगता है। धुली हुई चादर बिस्तर पर बिछाता है। तकिए में कवर लगाता है। बिपाशा दाहिनी ओर के कमरे में प्रवेश करती है।) सुहास: देखो मम्मा, मैंने सब