Chudail - The Backward Walker

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उस रात गांव के बाहर वाला पुराना रास्ता जैसे किसी अनदेखे डर से भरा हुआ था। हवा बिल्कुल धीमी थी, फिर भी पीपल के पेड़ की पत्तियां अपने आप कांप रही थीं। लोग कहते थे कि उस रास्ते पर रात के बाद कोई अकेला न जाए, लेकिन हर चेतावनी की तरह इसे भी कुछ लोग मजाक समझते थे। मैं भी उन्हीं में से एक था।मेरा नाम माधव था, और मैं उस समय पास के गांव में अनाज बेचकर लौट रहा था। सूरज डूब चुका था और अंधेरा तेजी से फैल रहा था। मेरे पास बस एक लालटेन थी, जिसकी पीली