यह कहानी किसी एक नाम, किसी एक चेहरे या किसी एक ज़िंदगी की नहीं है…यह कहानी उन सभी एहसासों की है, जो हम अक्सर दुनिया से छुपा लेते हैं।यह कहानी मेरी है…और शायद… तुम्हारी भी।कभी-कभी ज़िंदगी बहुत शांत लगती है,लेकिन उसी खामोशी में हमारे सबसे गहरे सवाल छुपे होते हैं।वो सवाल, जिनके जवाब हमें बाहर नहीं… बल्कि अपने अंदर ढूंढने पड़ते हैं।मैंने हमेशा महसूस किया है कि हर इंसान के भीतर एक अलग ही दुनिया होती है।एक ऐसी दुनिया जहाँ हम खुद से बात करते हैं,जहाँ हम अपने डर को समझते हैं,और अपने सपनों को धीरे-धीरे पहचानते हैं।इस किताब में