चाँदनी के उस पार।

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 समय की बात है, जब पहाड़ों के पीछे एक ऐसा राज्य था जिसका नाम लोग धीरे से लेते थे। उस राज्य का नाम था इंद्रगढ। कहते थे कि इंद्रगढ में रात कभी पूरी तरह अंधेरी नहीं होती थी, क्योंकि वहाँ के आकाश में एक चाँद नहीं, दो चाँद चमकते थे। एक चाँद आसमान में और दूसरा चाँद राजमहल के पीछे बहने वाली झील में। उस झील का पानी इतना साफ था कि उसमें सिर्फ चेहरा नहीं, मन भी दिख जाता था।इंद्रगढ की राजकुमारी का नाम था मायरा। वह सुंदर थी, लेकिन उसकी सुंदरता से अधिक चर्चा उसकी उदासी की होती