मेरा प्यार - 16

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16: महा एपिसोड - रूह की पुकार ​अस्पताल की छत पर आसमान अब साफ होने लगा था। बारिश थम चुकी थी, लेकिन हवा में अभी भी नमी और ठंडक थी। ज़ारा और अज़ीम अस्पताल के वेटिंग एरिया के एक कोने में बेंच पर बैठे थे। दोनों के चेहरों पर थकान थी, पर आँखों में एक सुकून था—उम्मीद का सुकून।​अज़ीम ने लंबी साँस लेते हुए कहा, "मैम, कादिर का खून शायद रंग लाएगा। पहली बार लग रहा है कि हारते-हारते हम जीत गए।"​ज़ारा ने धुंधली आँखों से अज़ीम की तरफ देखा, "अज़ीम, तुमने और तुम्हारे दोस्त ने आज जो किया है, उसने