एपिसोड 15: जमीर की कीमत और ज़ारा का न्यायअस्पताल के उस गलियारे में एक अजीब सा तनाव फैला हुआ था। नर्सें तेज़ी से ज़ोया के कमरे की ओर जा रही थीं। थोड़ी देर बाद डॉक्टर बाहर निकले, उनके चेहरे पर थोड़ी राहत थी।"खून चढ़ना शुरू हो गया है और शरीर ने उसे स्वीकार (accept) कर लिया है। ज़ोया की नब्ज़ अब पहले से बेहतर है," डॉक्टर ने कहा। "लेकिन, वह पूरी तरह खतरे से बाहर है या नहीं, यह तभी पता चलेगा जब उसे होश आएगा। हमें अगले कुछ घंटों का इंतज़ार करना होगा।"अज़ीम ने एक ठंडी साँस ली और