देश के लियेकमल चोपड़ा पूरी कक्षा बड़े ध्यान से सरला मैडम की बात सुन रही थी। मैडम कह रही थीं—“ईश्वर ने इंसान को इतनी शक्ति दी है कि वह असंभव को भी संभव बना सकता है। ऐसा कुछ भी नहीं जो वह नहीं कर सकता। शारीरिक शक्ति काम न आ रही हो तो बुद्धि से मुश्किल-से-मुश्किल काम भी आसानी से कर सकता है। इंसान के मस्तिष्क में इतनी शक्ति होती है कि अपने जीवन में वह इसका पूरा-पूरा उपयोग भी नहीं कर पाता है, इसलिये हर व्यक्ति को अपने लिये कोई-न-कोई लक्ष्य निर्धारित कर लेना चाहिये और