“वो दरवाज़ा जो कभी बंद नहीं हुआ…”रात के करीब 12 बज रहे थे।पूरे गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ था, जैसे किसी ने आवाज़ों को कैद कर लिया हो। दूर कहीं कुत्ते के भौंकने की आवाज़ गूँजती, और फिर सब कुछ फिर से शांत हो जाता।राघव अपनी पुरानी हवेली के बाहर खड़ा था।वो हवेली… जिसे लोग "मौत का घर" कहते थे।“तू पागल हो गया है क्या?” उसके दोस्त अर्जुन ने कहा था, “वहाँ जो भी गया, वो वापस नहीं आया।”लेकिन राघव के लिए ये सिर्फ एक डरावनी कहानी नहीं थी।उसके पिता की मौत भी इसी हवेली में हुई थी… और आज