यह कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए लिखी गई है। इसका उद्देश्य केवल हँसी-मजाक और हल्की-फुल्की कहानी सुनाना है।रतनपुर नाम का एक छोटा सा गाँव था।गाँव छोटा था लेकिन उसकी गलियाँ हमेशा हँसी से भरी रहती थीं।उसी गाँव में रहता था एक आदमी जिसका नाम राघव था।राघव की उम्र करीब पैंतीस साल थी।शादी अभी तक नहीं हुई थी।शरीर थोड़ा गोल-मटोल था।चेहरा इतना प्यारा था कि देखने वाला मुस्कुरा दे।और इसी वजह से गाँव में उसकी एक अलग पहचान थी।गाँव के बच्चे उसे राघव अंकल कहते थे।और गाँव की भाभियाँ उसे देखकर शरारत करने लगती थीं। राघव बहुत सीधा और शर्मीला इंसान था।किसी