Chapter 3 : अचानक मुलाकातयह “अधूरी मोहब्बत” का तीसरा अध्याय है। पिछले अध्याय में आपने देखा कि दूरी के बावजूद राधा और अर्जुन एक-दूसरे को भूल नहीं पाए। समय आगे बढ़ गया, लेकिन उनकी यादें अब भी उनके दिलों में जिंदा थीं। शायद किस्मत अभी भी उनकी कहानी को एक नया मोड़ देना चाहती थी।समय धीरे-धीरे बीतता गया। राधा अब पहले से ज्यादा शांत रहने लगी थी। वह अपने काम और जिम्मेदारियों में खुद को व्यस्त रखने की कोशिश करती, लेकिन कभी-कभी अचानक अर्जुन की याद उसके दिल को छू जाती।एक दिन शाम को राधा अपनी सहेली के साथ मंदिर