Episode 1शाम का वक्त था और Priyam अपने कमरे में खड़ी थी।खिड़की से हल्की धूप आ रही थी, और कमरे में सन्नाटा था।आज कुछ अलग सा लग रहा था।दिल हल्का-हल्का धड़क रहा था, और मन में हल्की बेचैनी थी।“आज लड़के वाले आने वाले हैं,” माँ ने पीछे से कहा।Priyam ने सिर हिलाया, लेकिन अंदर ही अंदर उसके मन में बहुत सारे सवाल थे—“वो कैसे होंगे? क्या हमें समझ पाएंगे? क्या मैं सहज रह पाऊँगी?”थोड़ी देर बाद दरवाज़े