अद्वैत राशि को उसके कमरे में ले जाकर बेड पर बैठा देता है और खुद एक स्टूल लेकर उसके पैर के पास बैठ गया। राशि का कमरा भी काफी खूबसूरत था।उस कमरे में सबकुछ श्रुति के कमरे की तरह था सिवाए कलर के।राशि बेड पर हेड बोर्ड से टिक कर बैठते हुए बोली- आप यहां क्यों रूके हैं। आपको जाना चाहिए।अद्वैत बिना कुछ कहे उसके पैर की तरफ़ अपना हाथ बढ़ाता है। मगर राशि अपना पैर पिछे कर लेती है और गुस्से से बोली- आपको समझ नहीं आता... क्यों परेशान कर रहे हैं। जाइए न हम किसी से कुछ नहीं