अधूरी धुन - 4

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भाग 4: मुकम्मल सुर और शाश्वत प्रेमदो साल के लंबे अंतराल के बाद, जब आर्यन ने 'रिदम कैफे' के भारी लकड़ी के दरवाजे को धक्का दिया, तो उसके दिल की धड़कनें किसी अनकही धुन की तरह तेज़ थीं। कैफे की वही पुरानी खुशबू—भुनी हुई कॉफी और पुरानी किताबों की महक—ने उसे घेर लिया। उसकी नज़रें सीधे उस कोने वाली मेज की ओर गईं, जहाँ कभी इशानी बैठा करती थी।लेकिन वह मेज खाली थी। वहाँ सिर्फ एक पुरानी फूलदान में कुछ सूखे गुलाब रखे थे।आर्यन का दिल बैठ गया। उसे लगा कि शायद वह बहुत देर कर चुका है। उसने काउंटर