रॉ एजेंट सीजन 1 - 24

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कमरे में गूंजती हंसी धीरे-धीरे अंधेरे में खो गई।विजय बोतल मेज़ पर रखते हुए हंस पड़ा।विजय –"हा क्यों नहीं… चलो एक और टीवी चैनलों के लिए सनसनीखेज खबर तैयार करते हैं।वैसे भी भारत में इन खबरों से बाजार बड़ा गर्म रहता है।"अजय सिंह ने हल्की मुस्कान के साथ अपना बैग उठाया।दोनों ने एक-दूसरे की तरफ देखा… और बिना कुछ बोले दरवाज़ा खोलकर बाहर निकल गए।रात की ठंडी हवा चल रही थी…और अंधेरे में दो परछाइयां चुपचाप गायब हो गईं।दो दिन बादभारत के एक बड़े न्यूज़ चैनल पर तेज़ संगीत के साथ ब्रेकिंग न्यूज़ चल रही थी।न्यूज़ एंकर (गंभीर आवाज़ में)