अदृश्य पीया - 26

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(सुबह। सुनीति आईने के सामने खड़ी है। उसका चेहरा थोड़ा थका हुआ, पर आँखों में अजीब चमक।)सुनीति (खुद से) बोली - “पता नहीं क्यों…आज दिल कुछ अलग ही महसूस कर रहा है।”(वो हल्की-सी चक्कर खाकर कुर्सी पकड़ लेती है।)(किचन से कौशिक दौड़कर आता है।)कौशिक (घबराकर) बोला - “सुनीति! क्या हुआ?तबियत ठीक नहीं है क्या?”सुनीति (धीमे से मुस्कुराकर) बोली - “नहीं…बस… कुछ अलग-सा लग रहा है।”(कौशिक उसका हाथ थाम लेता है। उसकी धड़कन तेज़ हो जाती है।)(क्लिनिक।दोनों पास-पास बैठे हैं।)(डॉक्टर रिपोर्ट देखती है, फिर मुस्कुरा देती है।)डॉक्टर बोली - “Congratulations…आप माँ बनने वाली हैं।”(सुनीति की आँखें भर आती हैं। कौशिक कुछ पल बोल ही नहीं