Trikon - एक्शन सीरीज़ - अध्याय 26 — थप्पड़

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कमरे में हल्की पीली रोशनी थी। दीवारों पर परछाइयाँ हिल रही थीं। त्रिशा जैकब्स अभी भी काला चोगा पहने खड़ी थी। पर लाल दैत्य मुखौटा उसने उतार दिया था। टेबल पर रखा उसका फोन स्पीकर पर था। उधर से घबराई हुई आवाज़ आ रही थी— “म-मैडम… वो… वो निकल गए…” त्रिशा की आँखें सिकुड़ गईं। “क्या मतलब निकल गए?” उधर से वही आदमी लगभग रोते हुए बोला— “मैडम… हमारे बहुत से लोग मारे गए… पूरा हाईवे… आग लगी है… गाड़ियाँ उलटी पड़ी हैं…” त्रिशा ने दाँत भींचे। “जॉन? वो विदेशी?” फोन के उस पार कुछ सेकंड सन्नाटा रहा। फिर टूटी